भाई, करीब दो महीने के बाद लिखने बैठा हूँ, और वो भी किसी दोस्त के बारे में.. पता नहीं क्योँ मन ही नहीं कर रहा था कुछ लिखने का.
डू यू रेमेम्बेर माय लास्ट इयर'स मैसेज फॉर विशिंग यू बर्थडे..? रिलैक्स! अभी तक है पड़ा है मेरे पास सेंट बॉक्स में.
" Happy b'day! U might be expecting my call, like always.!! I'ld have
dialed u. But a thought came 2 me, u must b busy,as usual while sleeping
with your eyes open. :p" [ I added that emoticon, coz i didn't wanted to sound rude
:D ] "Anyway! u see i didn't had to googled for best belated messages."
[ That was a sarcasm if u didn't noticed. :p ] ahead.. it continued..
"Happy B'day again! May God bless You! Have a great day."
Sent- 05.09.2015 12.00 AM
और वो पहला बर्थडे था तेरा जिसमें मैंने तुझसे बात नहीं की, सिंस वी आर फ्रेंड. अच्छा तो नहीं लग रहा था, लेकिन खुद को कण्ट्रोल
करना पड़ा, दिखाना भी तो बनता था न कि, 'भई! मैं भी गुस्सा हूँ'. एंड आई ऍम श्योर यू मस्ट हैड मिस्सिड माय कॉल.
जिनको नहीं पता, उनके लिए , धमेंद्र उर्फ़ भुप्पी :D मेरे से एक क्लास जूनियर था , व्हेन वी वर इन आवर स्कूल, 'राणा प्रताप' . तो पहली बार
मैं वहीँ पे मिला था. ही वाज इन 7th,वाईल आई वाज इन 8th. शायद तब रिपब्लिक डे कि तैयारियां चल रही थी स्कूल में.
जो बच्चे उनमें पार्टिसिपेट करते, उनको एनुअल फंक्शन में प्राइज दिया जाता. बिग डील..! इज नॉट इट..? तो, तब मैं भी था उनमें से एक.
और भुप्पी भी था. ही वांटेड टू प्रिपयेर सम डूएट डांस ऑन सम पहाड़ी सॉंग. एंड आई वाज आफ्टर स्पीच, हाँ! वो बोरिंग वाले.
तो बात कुछ ऐसी हुई कि इसको स्कूल में प्रिपयेर/रियाज करने के लिए एक म्यूजिक सिस्टम चाहिए था, जिसपे ये अपने ट्रैक को बजा रियाज करते.
सो, ही केम टू मी, आस्किंग इफ आई हैव एनी म्यूजिक प्लेयर. मेरे पास था तो जरुर घर पर. लेकिन मैंने मना कर दिया. :D
"नहीं, है भाई मेरे पास!!".
तो इसको न म्यूजिक सिस्टम मिला, ना ये रियाज कर पाया और न ये परफॉर्म कर पाया. और न इसको प्राइज मिल पाया. :D
अब आप सोच रहे होंगे, मुझे दे देना चाहिए था. दो बातें थी. पहली, कि मैं उसको इतने अच्छे से नहीं जानता था. और दूसरी, कि
जानता भी नहीं देता. यू सी, आई वाज जस्ट ए किड. दुष्ट वाला.!! :D आई वाज..!! बट नॉट एनीमोर!!
फिर जब हमारी अच्छी दोस्ती हो गयी. तब मैंने इसको ये बात बताई. उसको तो याद भी नहीं था. वो बोला-
"देख! तू बचपन से ही कितना कमीना था..!!"
और इसको तो अब ही याद नहीं है. ही वाज यूज्ड टू मेक माय नेम्स. तो उसकी भी खुन्नस थी तब. :D
एंड फॉर योर काइंड इनफार्मेशन, उस साल एनुअल फंक्शन नहीं हुआ. सो देट मीन्स, जिसने पार्टिसिपेट किया था, उनको प्राइज नहीं मिला.
यानी मुझे प्राइज नहीं मिला. :'-(
फिर जब मैं इसके घर के पास शिफ्ट हुआ 2009 में. देन आई वाज इन 9th स्टैण्डर्ड. पास के ही एक स्कूल ग्राउंड में बच्चे खेला करते थे..
और फिर हमारी वहां मुलाक़ात हुई.. और वहां भी उसने बांकी बच्चों को बता दिया कि इस बन्दे को इस नाम से चिढ़ा.
देयर वर टू मैनी. कितनों से लड़ता मैं. घर चला आया. आई स्टार्ट हेटिंग हीम. रियल बैड.
फिर शायद हम किसी साइंस फेयर में मिले. वी वर रिप्रीजेंटिंग सेम स्कूल्स. ही वाज इन जूनियर लेवल. एंड आई वाज सीनियर लेवल.
सो ही केम अप टू मी, आस्किंग फॉर सम हेल्प. एंड आई हेल्पड हीम.
एज फार एज आई रेमेम्बेर, आई वाज इन हाईस्कूल.
(मुझे भी ठीक से याद नहीं भुप्पी! हमारी बातें कैसे शुरू हुई उसके बाद..)
फिर जहाँ से यहाँ याद है, वहां से.... :p :D
ये मुझे 'नीकू भैया' कह के बुलाने लगा. जाहिर सी बात है, बाय देट टाइम, वी वर फ्रेंड्स. हम साथ में इन्टरनेट कैफ़े जाते. ऑरकुट चलाते.
10रु वो देता और 10रु मैं. :D कितना सही था वो न टाइम, जब हमें सन्डे का बेसब्री से इंतज़ार करते थे कैफ़े जाने के लिए.
मोस्टली हर शाम को ये मेरे घर आता, बुलाता... "नीकू भैया...??".
और मैं भी कभी-कभी इसके घर चला जाता, जब मुझे कुछ कंप्यूटर से रिलेटेड काम पड़ता लाइक - अप्लोडिंग्स मेमोरी कार्ड्स.
हम दोनों अक्सर मेरे घर के टेरेस पे जाते. गप्प मारते. कभी इधर की. कभी उधर की.
हमारे बीच तब कुछ भी कॉमन नहीं था. फॉर एक्जाम्प्ल-
आई लव टू वाच मूवीज... ही डज नॉट.
आई लव टू वाच क्रिकेट एंड चैट/टॉक अबाउट इट... ही डज नॉट.
आई लव टू क्नो अबाउट न्यू टेक्नोलॉजी.. ही डज नॉट केयर.
वी नीदर यूज्ड टू टॉक अबाउट गर्ल.. एंड नाउ यू कैन गेस व्हाई.. येह! ही डज नॉट लाइक टू टॉक अबाउट इट.
मैं जब भी इनमें से किसी कि बात शुरू करता, थोड़े ही देर में बोर हो कर कहता -
"छी: किसी और टॉपिक पे बात करते हैं.." :D
हाँ,!! #बटर_स्कॉच_फ्लेवर्ड आइस-क्रीम वाज द फर्स्ट थिंग, जो दोनों को पसंद आई.. स्ट्रेंज.. इज नॉट इट..?
मैं कभी-कभी सोचता हूँ, जब हमारे पास बात करने को कुछ था ही नहीं, फिर भी हमारी दोस्ती कैसी टिकी है.
कवि रहीम कि पंक्तियां थी कुछ ऐसी कि-
"रहिमन धागा प्रेम का,
मत तोरो चटकाय.
टूटे पे फिर न जुरे,
जुरे गाँठ परी जाए."
मैं कहता हूँ कवि रहिम से- ड्यूड, यू शुड थिंक अबाउट इट अगेन. :p अपडेट इट..!! :D
हमारी दोस्ती में भी एक रफ़ फेज आया. जब ये मेडिकल की कोचिंग करने कोटा 'दोबारा' गया.
आई वाज स्टिल इन दिल्ली डूइंग ग्रेजुएशन. पहले साल के स्टार्टिंग में महीने-दो महीने में हमारी बात हो जायी करती थी.
ही आल्सो यूज्ड टू टोल्ड मी अबाउट हीज रैंकिंग्स इन क्लास एंड मार्क्स ऑफ़ हीज वीकली टेस्ट. ही वाज डूइंग प्रीटी गुड देयर!
सब ठीक चल रहा था, अंटिल फ्यू लेफ्ट मंथ्स ऑफ़ कोटा. आई थिंक ही काइंडा वेंट इन डिप्रेशन.
आई मेय नॉट बी करेक्ट हेयर भुप्पी.! ही स्टार्टेड इग्नोरिंग माय फोन कॉल्स. कहता "सोया था यार.."
और बदले में मैंने भी वही किया. फिर कुछ दिनों बाद जब मैं दिल्ली से खटीमा शिफ्ट हो गया.
हमारी बात बिल्कुल बंद थी, यहाँ तक एक दुसरे के फेसबुक के पोस्ट को भी हम लोग इग्नोर करने लगे.
मैंने सोचा की इसके इस बिहेवियर का पॉसिबल रीजन क्या हो सकता है. और मुझे समझ में भी आ गया.
फिर एक दिन फेसबुक पर बंदा ऑनलाइन मिला.
आई सेड- 'कहाँ है आजकल' (दो आई न्यू ही वाज इन खटीमा.) :p
आई टोल्ड हीम.. नाउ आई क्नो ..
"ड्यूड, मैंने भी कोई तोप नहीं मार लिया है लाइफ में. आई एम् आल्सो अ लूज़र.
सो, आई हेव नो राइट्स टू आस्क यू एनी क्वेश्चन. आई स्टिल नीड टू प्रूव माइसेल्फ.
आई अंडरस्टैंड योर सिचुएशन. बिलीव मी!! सो, यू डोंट हेव टू इग्नोर मी. वैसे ही अब कम दोस्त हैं अभी
मेरे खटीमा में, जिसके साथ आइ कैन हंग आउट! आई ऍम श्योर तेरे पास भी ज्यादा आप्शन नहीं बचा है इस मामले में." :D
तो उस कन्वर्सेशन के बाद, वी अगेन स्टार्टेड टू हैंग आउट टोगदर. इवन और मजे आते थे, एज वी स्टार्टेड टू हेव बटर स्कॉच आइसक्रीम.
अब हमारे पास कुछ एक सा टॉपिक था बात करने को- 'आइसक्रीम' :p
आज कल इन्होंने एक नया पेट् पाला है. डॉगी है! लेब्रोडोर है! जनाब उसी में व्यस्त रहते हैं. घर से निकलने का वक़्त कहाँ..?
लास्ट टाइम जब ये मेरे घर आया था, यही कोई 3 महीने पहले. #बिजी_बॉय! और यही ताने मारा करता था मैं,
जब सब ठीक नहीं था हमारे बीच. इन्हीं कि स्कूटी को मैंने पहली बार चलाया. थैंक्स भाई! उस दिन स्कूटी देने के लिए. :D
टनकपुर से खटीमा तक मैं ही चलाता आया. मैंने पुछा बाद में इससे - "कैसा, चलाया मैंने?"
बोला- "टेर्रेबल". येह! आई नो..!! देट कुड हेव आवर लास्ट राइड ऑफ़ लाइफ..!! :D
अगर मैं अपने दोस्तों कि बात करू तो मेरे पास बेस्ट फ्रेंड्स, गुड फ्रेंड्स भी है, बस कमी है एक 4 a.m.
ये अभी तक मेरी उस कमी को पूरा नहीं कर पाया है, मैं आज भी अगर इसे कॉल करता हूँ तो शायद ही कोई दिन हो जब
ये पहली बारी में रिसीव कर लेता है.
और आजकल मैं इसको दोबारा मोर्निंग वाक पे चलने को कन्विंस कर रहा हूँ. सुबह उठता ही नहीं ये बंदा..!!
मान ले यारा!! चलते हैं दोबारा!! :)
मेय गॉड ब्लेस यू!! हैप्पी बर्थडे अगेन!! आई रियली वांट यू टू डू ग्रेट इन योर लाइफ!

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