रास्ता पता है मगर..मंजिल से अनजान हूँ

रास्ता पता है मगर..मंजिल से अनजान हूँ

Friday, 17 July 2015

यूँ ही -शर्मा गयी थी वो जबाव आँखों में मेरा पढ़ के.


उसने आँखोँ मेँ मेरी,
देखा ऐसे,
मानो पूछ रही हो जैसे,
कैसी लग रही हूँ?
शर्मा गयी थी वो
जबाव आँखों में 

मेरा पढ़ के..

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